छत्तीसगढ़ में निजी स्कूलों की स्थानीय परीक्षाएं डीईओ के माध्यम से कराने का आदेश विरोध के बाद शिक्षा विभाग ने वापस ले लिया है। यह आदेश 3 फरवरी को जारी हुआ था, जिसमें कहा गया था कि 5वीं, 8वीं, 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को छोड़कर बाकी सभी कक्षाओं की स्थानीय परीक्षाएं जिला शिक्षा अधिकारी यानी डीईओ के माध्यम से कराई जाएंगी। इस फैसले से निजी स्कूल संचालकों में नाराजगी फैल गई और विरोध के स्वर तेज हो गए, बढ़ते दबाव के बाद विभाग ने 24 घंटे के भीतर ही अपना फैसला बदल लिया और निजी स्कूलों को राहत दे दी। निजी स्कूल क्यों हुए नाराज: अब तक छत्तीसगढ़ बोर्ड से मान्यता प्राप्त निजी स्कूल अपनी परीक्षाएं खुद आयोजित करते आए हैं। स्कूलों ने पहले से ही परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी। ऐसे में सत्र के आखिरी महीने में अचानक परीक्षा का तरीका बदल देना स्कूलों और छात्रों दोनों के लिए परेशानी का कारण बन गया। निजी स्कूल एसोसिएशन ने साफ कह दिया था कि अगर आदेश वापस नहीं लिया गया, तो वे आंदोलन करेंगे। 4 फरवरी को जारी नए आदेश में निजी और अनुदान प्राप्त स्कूलों को पुराने नियम से मुक्त कर दिया गया। नए आदेश में सिर्फ स्वामी आत्मानंद स्कूलों का जिक्र रखा गया है। बाकी स्कूलों के लिए डीईओ के माध्यम से परीक्षा कराने का फैसला वापस ले लिया गया है।





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